बदले उदयनिधि के स्वर, TVK विधायकों को बताया जोकर और सरकार को फासीवादी

विजय सरकार पर लगाये भ्रष्टाचार और विपक्ष की आवाज को दबाने के आरोप

बदले उदयनिधि के स्वर, TVK विधायकों को बताया जोकर और सरकार को फासीवादी

 

चेन्नई तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता बदलते ही सियासी सुर भी बदल गए हैं। अब विधानसभा के भीतर सरकार बनाम विपक्ष की लड़ाई सिर्फ नीतियों और फैसलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीधे नेताओं और मंत्रियों पर हमलों तक पहुंच गई है। इसी कड़ी में तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने सत्तासीन TVK पर ऐसा हमला बोला, जिसमें ‘जोकर से लेकर ‘फासीवादी तक शब्द सुनाई दिये।

उदयनिधि ने TVK के सभी 52 विधायकों को ‘जोकर बताते हुए दावा किया कि राज्य के लोगों को कई मंत्रियों के असली नाम तक नहीं मालूम और वे उन्हें उनके उपनामों से पहचानते हैं। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई मंत्रियों के कथित उपनामों का भी जिक्र किया। मामला सिर्फ राजनीतिक तंज तक नहीं रुका। उदयनिधि ने अपनी गिरफ्तारी की कोशिश का जिक्र करते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया और TVK सरकार को ‘फासीवादी तक कह दिया।

गिरफ्तारी की कोशिश पर सरकार को घेरा -

उदयनिधि ने हाल ही में तंजावुर में किसानों के समर्थन में दिये गए अपने भाषण के बाद हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि भाषण देने के अगले दिन सुबह पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर पहुंची थी।

उदयनिधि के मुताबिक, भाषण में उन्होंने मुख्यमंत्री पर तीखी टिप्पणी की थी और किसानों के लिए कावेरी नदी का पानी उपलब्ध कराने की मांग उठायी थी। उन्होंने कहा कि सरकार आलोचना और विरोध की आवाजों से असहज है और इसी वजह से विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब 100 दिनों में बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं। उदयनिधि ने दावा किया कि लोगों को बोलने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने तक के मामलों में कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर उन्होंने TVK सरकार के रवैये को ‘फासीवादी करार दिया।

52 विधायक और ‘जोकर वाला तंज 

उदयनिधि ने TVK के 52 विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि आम तौर पर ताश की गड्डी में एक-दो जोकर होते हैं, लेकिन TVK में सभी 52 विधायक ही ‘जोकर हैं।

उन्होंने सरकार के कई मंत्रियों के कथित उपनाम गिनाते हुए कहा कि जनता उन्हें उनके वास्तविक नाम से कम और उपनामों से ज्यादा पहचानती है। उदयनिधि द्वारा की गयी टिप्पणी विधानसभा के भीतर सरकार की राजनीतिक विश्वसनीयता और मंत्रियों की सार्वजनिक पहचान पर सीधा कटाक्ष थी।

विजय को बताया ‘डमी मुख्यमंत्री -

उदयनिधि ने मुख्यमंत्री विजय पर भी हमला बोला और उन्हें ‘डमी मुख्यमंत्री बताते हुए आरोप लगाया कि TVK सरकार पिछली DMK सरकार की योजनाओं पर नये नाम और नये स्टिकर लगाने का काम कर रही है। उन्होंने विधानसभा के कामकाज को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाये। उदयनिधि का दावा है कि कई बार किसी विभाग से जुड़े सवाल का जवाब दूसरे विभाग का मंत्री देता है। यह सरकार की तैयारी और प्रशासनिक समन्वय की कमी से को दर्शाता है।

तेज हो रहा सत्ता-विपक्ष संघर्ष 

TVK के सत्ता में आने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में DMK और नयी सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। उदयनिधि अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में हैं और सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख अपना रहे हैं। एक तरफ विजय सरकार भ्रष्टाचार-मुक्त शासन को अपनी प्राथमिकताओं में गिना रही है, तो दूसरी तरफ उदयनिधि सरकार पर भ्रष्टाचार, राजनीतिक असुरक्षा और विपक्ष को दबाने के आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में आनेवाले दिनों में भ्रष्टाचार, गिरफ्तारियाँ, किसानों के मुद्दे और सरकारी योजनाओं को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में टकराव और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।