जहरीली शराब पीने से सागर में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत, सौ से अधिक बीमार

मुख्यमंत्री के आदेश पर 5 अधिकारी सस्पेंड, 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

Jahareeli Sharab Se Maut

Courtesy: NDTV

भोपाल। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ इलाके में जहरीली शराब पीने से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन के अनुसार कुल 14 मौतें (अपुष्ट सहित) होने की आशंका जताई जा रही है। इस दुखद घटना में अब तक 109 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती कराये गए हैं, जिनमें से कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में चल रहा है। एक मरीज की स्थिति गंभीर बनी हुई है जिसे इलाज के लिए भोपाल स्थित एम्स (AIIMS) भेजा गया है। 
 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को नहीं बख्शने की हिदायत सम्बंधित अधिकारियों को दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लापरवाही बरतने के आरोप में आबकारी विभाग के 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर करीब एक दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्र की 6 शराब दुकानों को सील कर दिया गया है। 

मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने खुद सागर मेडिकल कॉलेज का दौरा कर मरीजों का हालचाल जाना। सरकार ने इस हादसे में जान गँवाने वाले मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि कांग्रेस ने भी पीड़ित परिवारों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। 

उल्लेखनीय है, सागर जिले के बंडा तहसील अंतर्गत नवरोजा, घूघरा खुर्द, पाटन, चौका और मगर सहित लगभग डेढ़ दर्जन गांवों के लोग इस जहरीली शराब की चपेट में आये हैं। शुरुआती जाँच में जो खुलासा हुआ है उसके मुताबिक, इस जहरीली शराब की आपूर्ति उत्तरप्रदेश के ललितपुर से जुड़ी हुई है। मृतकों के पोस्टमॉर्टम से पता चला है कि जहरीली शराब में मिथाइल अल्कोहल (Methyl Alcohol) की मात्रा अधिक होने से मौत हुई है। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें 24 घंटे कैंप लगाकर घर-घर स्क्रीनिंग और सैंपलिंग कर रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि पिछले 24-48 घंटों में शराब पीने वाले किसी भी व्यक्ति को सिरदर्द या बुखार होने पर तुरंत मेडिकल जांच करानी चाहिए।