दिल्ली कांड को लेकर सरकार और एमसीडी के खिलाफ कांग्रेस-एबीवीपी ने खोला मोर्चा

दिल्ली कांड को लेकर सरकार और एमसीडी के खिलाफ कांग्रेस और एबीवीपी ने खोला मोर्चा, कांग्रेस बोली- एक माह पहले सील हुई थी बिल्डिंग; एमसीडी बोली - रिकॉर्ड नहीं

ABVP Protest

Courtesy: Google

नयी दिल्ली। दिल्ली में इमारत ढहने से हुई 6 लोगों की मौत ने दिल्ली सरकार और एमसीडी को घेरे में ला दिया है। न केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष भी सरकार से जवाब मांग रहा है। दिल्ली कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव का कहना है कि निगम ने एक माह पहले इमारत को खतरनाक घोषित कर सील कर दिया था फिर हादसे में जान कैसे गयी? यह दुर्घटना प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। हालांकि, एमसीडी अफसरों ने कांग्रेस के आरोप को बेबुनियाद बताया है। एमसीडी अधिकारियों के मुताबिक, सीलिंग का रिकॉर्ड नहीं है। निर्माण की शिकायत भी नहीं थी। 

दिल्ली की घटना पर कांग्रेस ही नहीं, भारतीय जनता पार्टी की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी निंदा की है। विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और पीड़ित विद्यार्थियों को न्याय मिले। विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एमसीडी के खिलाफ धरना भी दिया। घटना के लिए जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने छात्र बहुल इलाकों में पीजी और किराये के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। विद्यार्थी परिषद ने हादसे की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार पीजी संचालकों एवं अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली के सभी छात्र बहुल क्षेत्रों में संचालित पीजी और किराये के भवनों का तत्काल संरचनात्मक एवं सुरक्षा ऑडिट कराने की भी मांग की है।

दिल्ली में जो 5 मंजिला इमारत ढही है वह 36 साल पुरानी थी। इसका निर्माण 1990 में हुआ था। एमसीडी के रिकॉर्ड में यह खतरनाक घोषित नहीं थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री सीएम रेखा गुप्ता के अनुसार, बेसमेंट में खुदाई के दौरान एक पिलर खिसकने से इमारत ढही है।
एमसीडी के एक अधिकारी का कहना है कि 55 वर्ग गज के प्लॉट पर बनी इस इमारत में भूतल के अलावा 4 मंजिल थीं। जबकि अनुमति सिर्फ भूतल के अलावा मात्र एक मंजिल के निर्माण की थी। 3 मंजिलें अवैध थीं। 

दिल्ली में इमारत ढहने की यह पहली घटना नहीं है। साल 2025 से अब तक इमारत गिरने के 6 बड़े हादसे हो चुके हैं। 18 अप्रैल 2025 को मुस्तफाबाद में 4 मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें 11 की जान चली गई। 17 मई 2025 को पहाड़गंज में एक निर्माणाधीन इमारत का बेसमेंट ढहा। 3 मजदूरों की मौत हुई। 12 जुलाई 2025 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम में 4 मंजिला पुरानी इमारत ढह गई जिसमें 6 लोगों की मौत हो गयी और 8 घायल हुए। 30 मई 2026 को साकेत/सैदुलाजाब में एक पाँच मंजिला अवैध इमारत गिर गई जिसमें 6 लोग मौत के मुँह में समा गये। 9 जुलाई 2026 को रोहिणी इलाके में 4 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1 घायल हुआ। 6 सितंबर 2026 को सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढह गई। अभी तक हादसे में 6 लोगों के मारे जाने की खबर है। 
  
इस बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में लड़कों के पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही एक 5 मंजिला इमारत ढहने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा, हर छात्र की जान कीमती है। यह हादसा बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा— "दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की ख़बर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की ख़बर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं। मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें और घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले...।"