Courtesy: A. I.
नवादा(बिहार)। जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र के मधुवन गांव में सरकार अधिग्रहीत भूमि पर लगी धान की फसल हटाने को लेकर पब्लिक और पुलिस प्रशासन के बीच जबर्दस्त विरोध एवं झड़प ने अफरा-तफरी पैदा कर दी है। यहां के ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश देखा जा रहा है। झड़प तब हुई जब नवादा जिले के चर्चित महत्वाकांक्षी गंगाजल आपूर्ति योजना(फेज-।।, पार्ट -।) के तहत जलाशय निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गयी।
प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन की तरफ से सितम्बर महीने की 2 तारीख को सरकार द्वारा अधिग्रहीत 151 एकड़ भूमि पर लहलहाती धान की फसल के बीच जैसे ही जेसीबी और पोकलेन मशीनें उतारी गयीं, स्थानीय किसान और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। विरोध कर रहे ग्रामीणों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि नारदीगंज के अंचलाधिकारी रईस आलम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंची थी। वहां मौके पर मौजूद किसानों और महिलाओं ने उक्त करवाई का पुरजोर विरोध किया। प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की शिकायत है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया भले ही कागजों पर पूरी हो गई हो, लेकिन, उन्हें अबतक उचित और न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिला है। किसानों के आक्रोश के कारण स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को बलपूर्वक वहाँ से हटाया गया। गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों और थानाध्यक्ष राजेश कुमार के मुताबिक जलाशय के लिए 151 एकड़ भूमि चिन्हित कर अधिग्रहण की विधिक और कागजी सारी प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। नियमानुसार मुआवजा वितरण की करवाई भले ही प्रक्रियाधीन है। किसानों के बीच इसी को लेकर निराशा एवं आक्रोश है, जिसे दूर करने की कोशिश की जा रही है।