Courtesy: Kumar Harsh
नवादा(बिहार)। एक तरफ जहां सरकारें शहरों को स्मार्ट बनाने और हर गली-मोहल्ले तक पक्की सड़कें पहुंचाने का दावा करती हैं, वहीं नवादा नगर परिषद का वार्ड संख्या 3 आज भी बुनियादी विकास के लिए तरस रहा है। इस वार्ड के स्थानीय निवासी पिछले लम्बे समय से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बने हुए हैं।
हल्की बारिश में भी टापू बन जाता है मोहल्ला
वार्ड संख्या 3 की मुख्य समस्या यहाँ का जर्जर और कच्चा सम्पर्क पथ है। स्थिति इतनी बदतर है कि हल्की सी बारिश होते ही पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। सड़क पर चारों तरफ कीचड़ और जलजमाव होने के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। जलजमाव और गंदगी के कारण स्थानीय लोग एक तरह से अपने ही घरों में कैद होने को विवश हैं।
हादसों को न्योता देता फिसलन भरा रास्ता
इस बदहाल रास्ते के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जानेवाले मासूम बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। बच्चे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर इसी फिसलन भरे रास्ते से स्कूल जाने को बाध्य हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कच्ची सड़क पर कीचड़ होने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं, जिससे कई लोग गंभीर रूप से चुटिल भी हो चुके हैं। बड़ी दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।
जनप्रतिनिधि की बेरुखी से आक्रोश
मोहल्ले वासियों का आरोप है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय नगर पार्षद प्रतिमा देवी के पति से कई बार शिकायत की है। हर बार उन्हें केवल खोखला आश्वासन ही मिला है, धरातल पर समाधान के नाम पर आज तक एक ईंट भी नहीं जोड़ी गई। जनप्रतिनिधि की इस अनदेखी और बेरुखी के कारण अब स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पनप रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सम्पर्क पथ का पक्कीकरण कराया जाये, ताकि उन्हें इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
क्या कहते हैं मुख्य नगर पार्षद प्रतिनिधि
मुख्य पार्षद पिंकी कुमारी के प्रतिनिधि एवं पूर्व मुख्य पार्षद संजय कुमार साव कहते हैं, वार्ड संख्या तीन में बहुत काम हुआ है। सरकारी आइटीआइ के सामने से जो कच्ची सड़क अंदर गयी है, उसके पक्कीकरण का भी प्रस्ताव क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि नगर पार्षद प्रतिमा देवी की तरफ से आया हुआ है। लेकिन, पिछले आठ महीने से सरकार के यहाँ से पैसा नहीं आने की वजह से उस योजना पर काम नहीं हो पा रहा है। जैसे ही फंड आयेगा, प्राथमिकता के आधार पर उक्त सम्पर्क पथ का काम बिना देर किये किया जायेगा।