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नवादा (बिहार)। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए नवादा नगर परिषद वार्ड संख्या चार के केन्दुआ स्थित धर्मशीला देवी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल को पूरी तरह से सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस अस्पताल का निबंधन भी रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई चिकित्सकीय लापरवाही के एक बेहद हाई-प्रोफाइल मामले में दोषी पाये जाने के बाद की गई है।
नवादा के नामी और बड़े निजी अस्पतालों में शुमार धर्मशीला देवी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पर हुई इस बड़ी कार्रवाई ने पूरे बिहार के चिकित्सा जगत में हड़कंप मचा दिया है। आम जनता के बीच इस कार्रवाई को स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय करने वाले एक कड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, चिकित्सकों की जिम्मेदारी और इलाज के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं।
मामला बिहार के पूर्व राज्यमंत्री एवं बाहुबली नेता राजवल्लभ प्रसाद और जेडीयू (JDU) की नवादा विधायक विभा देवी के बेटे अखिलेश कुमार की मौत से जुड़ा हुआ है। कुछ समय पहले एक सड़क दुर्घटना के बाद अखिलेश कुमार को इलाज के लिए धर्मशीला देवी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि चिकित्सकों की घोर लापरवाही और सही समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण उनके बेटे की जान गई।
राजवल्लभ प्रसाद की लिखित शिकायत के बाद अप्रैल 2026 में मुफस्सिल थाने में अस्पताल के मालिक, प्रबंधक और सम्बंधित चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा सदर अस्पताल की तीन सदस्यीय प्राथमिक जांच टीम और बाद में स्वास्थ्य विभाग की एक उच्चस्तरीय विशेष जांच समिति का गठन किया गया था। समिति ने अपनी विस्तृत जांच में पाया कि अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों के स्तर पर प्रथम दृष्टया चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी। इसके अलावा अस्पताल के संचालन में कई अन्य तकनीकी और प्रशासनिक अनियमितताएं भी सामने आयीं।
जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाये जाने के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित एक्शन लेते हुए अस्पताल का लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया। इसके बाद नवादा जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पताल को सील करने का आदेश जारी हुआ। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ केन्दुआ स्थित धर्मशीला देवी अस्पताल पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में अस्पताल को सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जो देर शाम तक चलती रही। कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी चुनौती अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों की सुरक्षा और उनका ट्रांसफर थी। प्रशासन की टीम ने संवेदनशीलता बरतते हुए अस्पताल में भर्ती मरीजों को तुरंत सदर अस्पताल में शिफ्ट कराया, ताकि किसी भी मरीज के इलाज में बाधा न आये और उन्हें कोई परेशानी न हो।