नवादा(बिहार)। अख्तर जर्रा ने नवादा के उप—विकास आयुक्त को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि उनके क्षेत्र में विकास कार्य पूर्ण होने के बाद भी संवेदक को निर्माण कार्य के स्टीमेट के मुताबिक बकाये का भुगतान नहीं किया जा रहा है। अख्तर जर्रा नवादा (बिहार) जिले के नरहट प्रखंड अंतर्गत शेखपुरा निर्वाचन क्षेत्र से पंचायत समिति सदस्य हैं।
पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव, नवादा के जिला पदाधिकारी और जिला पंचायतीराज पदाधिकारी को टैग करते हुए उप—विकास आयुक्त को भेजे पत्र में पंचायत समिति सदस्य अख्तर जर्रा ने नरहट प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा षष्टम राज वित्त आयोग 2024—2025 पंचायत समिती मद की राशि निकालने मे वन टाइम पासवर्ड (OTP) दिलाने का आग्रह किया है। पत्र में लिखा है कि नरहट प्रखंड में वर्तमान पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा पंचायत समिती मद से शत्—प्रतिशत (100%) कार्य पूर्ण होने के दो महीने बाद भी उक्त प्राक्कलन की राशि की निकासी के लिए OTP नहीं दिया जा रहा है। अख्तर जर्रा ने कहा कि उनके क्षेत्र भाग संख्या-03 में ग्रामपंचायत शेखपुरा के ग्राम झिकरुआ वार्ड संख्या एक मे श्यामसुन्दर सिंह के घर से दिनेश सिंह के घर तक हुए नाली ढक्कन निर्माण कार्य से सम्बंधित मेजरमेंट बुक (MB) पूर्ण रिकॉर्ड के साथ लगभग दो महीने से बीपीआरओ के कार्यालय में रखा हुआ है। इस सम्बंध में नरहट प्रखंड के योजना क्लर्क एवं नाजिर से कई बार मुलाकात कर समस्या के समाधान के लिए ओटीपी देने का आग्रह किया। योजना क्लर्क और नाजिर ने भी बीपीआरओ से फोन पर सम्पर्क कर ओटीपी की मांग की। परन्तु, इनके आग्रह को भी अनदेखी की गयी और उन्हें भला—बुरा कहा गया। पत्र में कहा गया है कि प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी लगभग बीस दिनों से कार्यालय भी नहीं आ रहे हैं। मैंने भी इस सम्बंध में कई बार फोन पर बात की, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय मुझसे भी अनाप—शनाप कहा गया और गाली—गलौज की गयी। बीपीआरओ ने कहा कि मैं एक महिला हूँ, तुमलोगों को जहाँ-जाना है जाओ, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा। उन्होंने ये भी कहा कि नरहट प्रखंड कार्यालय में सभी पंचायत समिति सदस्य के सामने हमने प्रमुख को गाली-गलौज की तो मेरा कुछ नहीं बिगड़ा तो तुम क्या बिगाड़ लोगे।

अख्तर जर्रा ने पत्र में लिखा है कि नरहट के प्रखंड विकास पदाधिकारी को जब इस सम्बंध में बताया तो उन्होंने कहा कि लगभग बीस दिनों से बिना सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित हैं, जिससे परिसीमन एवं विकास का कार्य ठप है। उन्होंने भी माना कि वो महिला होने का भरपूर लाभ उठा रही हैं। जर्रा ने पत्र में आग्रह किया है कि योजना संख्या 21/2024-25, जिसका एक्टिविटी कोड-287220 है, के अलावा इस तरह की कई और योजनाएँ हैं, इन कर्मचारियों और अधिकारी के अड़ियल रवैये और कार्यालय नहीं आने की वजह से लम्बित पड़े हैं। देखना ये है कि अख्तर जर्रा की शिकायत को उच्चाधिकारी किस रूप में लेते हैं।