पेपर लीक के बाद छत्तीसगढ़ में बीएससी एग्रीकल्चर की परीक्षा रद्द, जाँच टीम गठित

कांग्रेस का भाजपा पर आरोप, जनप्रतिनिधि ही हैं रैकेट में शामिल!

Chhattisgarh Paper Leak

Courtesy: IGKV

रायपुर। पेपर लीक थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद अब विश्वविद्यालयों द्वारा ली जानेवाली परीक्षाओं के भी प्रश्नपत्र लीक होने लगे हैं। नया मामला छत्तीसगढ़ से सामने आया है, जहाँ रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) से सम्बद्ध महाविद्यालयों में बीएससी कृषि (B.Sc. Agriculture) द्वितीय वर्ष (2nd Year) के विज्ञान विषय का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक हो गया। पेपर लीक को लेकर हंगामा होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और उच्चस्तरीय बैठक के बाद उक्त विषय की परीक्षा रद्द कर दी गयी। इस सम्बंध में संदेह के दायरे में आये प्रोफेसर्स और कर्मचारियों को विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तलब किया है। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परीक्षा निरस्त कर दिये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि मामले की जाँच के लिए पाँच सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया है। कमिटी इस मामले की जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

मामले पर कांग्रेस ने खड़े किये सवाल

कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक मामले में भाजपा (BJP) पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिनजिन प्रदेशों में भाजपा की सरकार है, आखिर वहीं पेपर लीक क्यों होते हैं? विकास उपाध्याय ने कहा कि दरअसल, पेपर लीक में भाजपा के लोगों की संलिप्तता (Involvement) होती है, इसलिए इस तरह की वारदातें आम हो गयी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें बीजेपी के जनप्रतिनिधि शामिल हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालयों में परीक्षा लीक होने का काम हो रहा है. बीजेपी की सरकार में पढ़ने-लिखनेवाले बच्चों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। बीजेपी की सरकार जिन प्रदेशों में होती है, वहां ही पेपर लीक क्यों होते हैं?

चार सदस्यीय जाँच टीम गठित

विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। विश्वविद्यालय से सम्बद्ध 33 महाविद्यालयों को गुरुवार को जारी एक परिपत्र के अनुसार, एईएनटी-221 (Agricultural Entomology) के तहत फसलों और संग्रहित अनाज में कीट प्रबंधन-1 (रबी फसलें)विषय की परीक्षा गुरुवार को होनी थी, जिसे 'प्रशासनिक कारणों' से रद्द कर दिया गया। परिपत्र में कहा गया है कि अब यह परीक्षा सितम्बर 2026 के पहले सप्ताह में फिर से आयोजित की जायेगी।