श्रीराम के चरित्र को आत्मसात करें, सफलता कदम चूमेगी : अरुण गोविल

पाँच हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने एक साथ श्रीरामचरितमानस का पाठ किया

फूलों का गुलदस्ता भेंट कर अरुण गोविल का किया स्वागत

नवादा(बिहार)। रामानंद सागर कृत ‘रामायण’ में श्रीराम की भूमिका निभानेवाले मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, व्यक्ति को आवेश में निर्णय लेने के बजाय धैर्य और विवेक से काम लेना चाहिए। इसका उदाहरण भगवान श्रीराम हैं। श्रीराम का जीवन हमें सत्य, संयम, धैर्य, कर्तव्य और मर्यादा का संदेश देता है। अरुण गोविल नवादा के एक शिक्षण संस्थान में आयोजित गोस्वामी तुलसीदास जयंती सप्ताह समारोह में बोल रहे थे।


शहर के कुंतीनगर में आयोजित गोस्वामी तुलसीदास जयंती सप्ताह समारोह के अवसर पर रविवार को भव्य एवं यादगार संगीतमय श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया था जिसमें पाँच हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने एक साथ श्रीरामचरितमानस के बालकांड के सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ एवं श्रीराम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद का संगीतमय पाठ कर पूरे परिसर को भक्ति, संस्कृति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर अरुण गोविल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने से नहीं मिलती। सच्ची सफलता तब है, जब हम अच्छे इंसान बनें, सत्य बोलें, अपने वचन का सम्मान करें, कठिन परिस्थितियों में धैर्य रखें और दूसरों के लिए कुछ अच्छा करने का प्रयास करें। जीवन में सुख-दुःख और संघर्ष सभी के हिस्से में आते हैं। इसलिए कठिनाइयों से भागने के बजाय उनका धैर्य और साहस के साथ सामना करनेवाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफलता की नयी इबारत लिखते हैं।