नवादा(बिहार)। लगभग तीन वर्ष पुराने चर्चित कुलदीप चौधरी हत्या कांड मामले में नवादा व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश— तीन उमेश कुमार की अदालत ने पिता—पुत्र सहित 04 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। अदालत ने सभी दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि का भुगतान समय से नहीं करने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
कुलदीप चौधरी की हत्या 22 नवम्बर की रात उस समय कर दी गयी थी, जब उसने अनिल चौधरी के घर में जुआ खेल रहे लोगों द्वारा शोर एवं गाली—गलौज करने पर आपत्ति जतायी थी। आरोप है कि विरोध से नाराज़ होकर जुआड़ियों ने गुस्से में आकर कुलदीप चौधरी की हत्या कर दी। मृतक के भाई रंजीत चौधरी के फर्द बयान पर पुलिस ने प्राथमिकी (नवादा नगर थाना कांड संख्या 1770/23) दर्ज कर मामले की जाँच की और साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय में आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहम्मद मिस्बाह रसूल द्वारा रखे गये पक्ष को तथ्यपरक मानते हुए सभी चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी। आजीवन कारावास की सजा पानेवालों में नवादा नगर थानांतर्गत गोन्दापुर के शिवा चौधरी के पुत्र अनिल चौधरी, अनिल चौधरी के पुत्र विक्की चौधरी और अविनाश चौधरी एवं अक्षय चौधरी के पुत्र पवन कुमार शामिल हैं। अदालत के फैसले की चौतरफ़ा चर्चा हो रही है।