Courtesy: Rahul Gandhi
नयी दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अनुसूचित जाति—अनुसूचित जनजाति (SC-ST) एक्ट एवं अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हलद्वानी के जवाहर नगर कॉलोनी निवासी अमित कुमार द्वारा दर्ज कराये गए मामले में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने बिना सच्चाई जाने ऐसा बयान दिया जिससे अनुसूचित जाति के लोगों ने खुद को अपमानित महसूस किया।
अमित कुमार का अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से सम्बंध रखते हैं और हिन्दूवादी संगठन 'श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास' के सदस्य हैं। अमित कुमार का कहना है कि वो स्वयं अनुसूचित जाति से आते हैं और इस वजह से राहुल गांधी के बयानों से उनकी और उनके पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। हल्द्वानी पुलिस ने इस मामले में अगस्त महीने की 30 तारीख को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 196 और 299 के साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगस्त महीने की आठ तारीख को जनसभा के कुछ दिनों बाद 11 अगस्त को हल्द्वानी के श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान में जाकर साफ-सफाई की और एक 'शुद्धिकरण यज्ञ और हवन' किया। कांग्रेस पार्टी ने इस कदम का कड़ा विरोध किया और इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'दलित विरोधी मानसिकता' का प्रतीक बताया। मल्लिकार्जुन खड़गे दलित समुदाय से आते हैं। उक्त घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अगस्त महीने की 29 तारीख को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और शुद्धिकरण अनुष्ठान की तीखी आलोचना की। राहुल गांधी ने 'शुद्धिकरण' घटना को 'छुआछूत' की प्रथा और 'दलित विरोधी अपराध' करार देते हुए प्रधानमंत्री से इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी राहुल गांधी का समर्थन करते हुए इस घटना को 'निंदनीय और शर्मनाक मानसिकता' का प्रतीक बताया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उधर, हलद्वानी के रामलीला मैदान में सफाई और हवन करने वाले अमित कुमार ने पुलिस को सौंपे शिकायत—पत्र में कहा है कि कांग्रेस की रैली के बाद मैदान में भारी गंदगी, कूड़ा-कचड़ा और आपत्तिजनक सामग्री (मूत्र से भरी बोतलें आदि) छोड़ी गई थीं। धार्मिक स्थल की स्वच्छता और पवित्रता बनाये रखने के लिए उन्होंने (अमित कुमार ने) समाज के विभिन्न वर्गों, जिसमें कई दलित भाई भी शामिल थे, के साथ मिलकर सफाई और हवन किया था। अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी ने बिना किसी जांच-पड़ताल और तथ्यों के इस स्वच्छता अभियान को 'जातिगत रंग' दे दिया। राहुल गांधी ने उन्हें सार्वजनिक रूप से 'छुआछूत करने वाला' और 'दलित विरोधी' के रूप में चित्रित किया, जिससे खुद अनुसूचित जाति के लोगों का अपमान हुआ है।
इस बीच हलद्वानी सहित देश के विभिन्न इलाकों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शुद्धिकरण करनेवालों के खिलाफ अविलम्ब कार्रवाई की मांग की। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह दलित के अपमान का मामला दबाने के लिए गलत कार्य करने पर उतर आयी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि हल्द्वानी मामले में सरकार को जवाब देना ही होगा। यह उनका नहीं, दलित समाज के अपमान का मामला है। युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के मुताबिक, भाजपा और आरएसएस की सोच दलित विरोधी है। शुद्धिकरण का मामला सिर्फ खड़गे जी से नहीं जुड़ा है बल्कि यह पूरे दलित समाज के अपमान का मामला है। एआइएमआइएम सांसद असद उद्दीन ओवैसी ने इस मामले को संविधान विरोधी बताया और कहा कि इस तरह की घटनाओं से समाज में गलत संदेश जाता है। सरकार को ऐसे लोगों से सख्ती से निबटना चाहिए। इस बीच उत्तराखंड कांग्रेस की उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने कहा कि कांग्रेस इस तरह के झूठे मुकद्दमों से डरनेवाली नहीं है।
केन्द्रीय मंत्री अजय टम्टा ने नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि उत्तराखंड एक सीमांत राज्य है जिसे 'देवभूमि' के रूप में जाना जाता है। यहाँ की परंपराएँ, त्योहार और मेले हमेशा से सामाजिक समरसता का प्रतीक रहे हैं। शायद मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को उत्तराखंड के समाज की इस समरसता के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इतने वरिष्ठ नेताओं द्वारा बिना पूरी जानकारी जुटाये संसद और सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के गंभीर और संवेदनशील बयान देना बिल्कुल भी उचित नहीं है। हालाँकि केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि संसद में जेपी नड्डा ने इस घटना की निन्दा की है और आन रिकार्ड कहा है कि इस घटना में भाजपा या संघ परिवार का कोई भी सदस्य शामिल नहीं है।