लाल किले की प्राचीर से पहली बार गूंजा 'वन्दे मातरम'

पूरा देश बना गवाह

लाल किले की प्राचीर से पहली बार गूंजा 'वन्दे मातरम'

Courtesy: DD India

ब्रिटिश हुकूमत से देश 'भारत' को मिली आजादी के बाद पहली बार लाल किले की प्राचीर से गूंजा 'वन्दे मातरम'। पूरा देश इसका गवाह बना। मौके पर देश के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग पाँच हजार (5000) विशिष्ट अतिथियों ने इस गौरवमयी क्षण में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक पल का जिक्र करते हुए इसे गौरवपूर्ण क्षण बताया।

स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के इतिहास में यह पहला मौका था जब लाल किले पर आधिकारिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गान एवं धुन बजायी गई। राष्ट्र की तरफ से यह आयोजन राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की रचना और उसकी 150 साल पुरानी गौरवशाली परम्परा एवं विरासत को समर्पित है। इस मौके पर लाल किले की प्राचीर और आसपास के क्षेत्रों को फूलों से सजाया गया। इस सजावट के केन्द्र में राष्ट्रीय ध्वज के साथ-साथ हिन्दी में 'वंदे मातरम्' को प्रमुखता से दर्शाया गया था। समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना के एमआई-17 (Mi-17) हेलीकॉप्टरों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के साथ-साथ 'वंदे मातरम्' के प्रतीकात्मक ध्वज के साथ फूलों की वर्षा की गई।