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नयी दिल्ली। रूस में हिरासत में लिए गए उत्तरप्रदेश के इंजीनियर चंदन गुप्ता अब सुरक्षित अपने घर लौट आये हैं। चंदन की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर उनकी रिहाई की जानकारी दी है। कुछ दिन पहले ही स्नेहा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की थी, क्योंकि उन्हें अपने पति की सुरक्षा को लेकर चिंता थी। पूरी कहानी क्या है और चंदन की रिहाई कैसे हुई? आइए समझते हैं।
कानपुर निवासी इंजीनियर चंदन गुप्ता काम के सिलसिले में रूस गए थे। उनकी पत्नी स्नेहा के मुताबिक, चंदन शनिवार रात करीब 11:40 बजे हिरासत में लिये गए थे। इस दौरान उनका फोन और पासपोर्ट ले लिया गया। चंदन के साथ मौजूद एक दोस्त ने बाद में स्नेहा को इस बारे में जानकारी दी। इसके बाद स्नेहा ने अपने पति की कम्पनी से सम्पर्क किया और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश शुरू की।
स्नेहा ने बताया कि चंदन की कम्पनी Uflex Limited ने इस मुश्किल समय में उनकी काफी मदद की। कंपनी के रूस स्थित ऑफिस के अधिकारियों ने लगातार स्नेहा से सम्पर्क बनाए रखा और चंदन के लिए एक वकील भी नियुक्त किया। स्नेहा के मुताबिक, इसी कानूनी मदद के बाद चंदन को रात में रिहा कर दिया गया। उन्होंने भाजपा सांसद सीमा द्विवेदी और सर्व वैश्य समाज के सदस्यों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने मामले को अधिकारियों तक पहुंचाने में मदद की।
हालांकि, चंदन की हिरासत से पहले उनकी पत्नी ने एक गंभीर चिंता भी जतायी थी। स्नेहा का दावा था कि उनके पति पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा सकता है। उनका कहना था कि चंदन रूस वर्क वीजा पर गए थे और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था। उन्होंने भारत सरकार से हस्तक्षेप कर अपने पति की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की थी। हालांकि, रूसी सेना में भर्ती को लेकर लगाये गए इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आयी है।
स्नेहा ने यह भी कहा कि मीडिया में चंदन को लेकर सामने आये कुछ आरोपों के बारे में उन्हें भी मीडिया के जरिये ही जानकारी मिली। उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि इनमें कोई सच्चाई या सबूत नहीं है। फिलहाल वह इस मामले पर ज्यादा विस्तार से बात नहीं करना चाहतीं। दूसरी तरफ, चंदन की हिरासत के सटीक कारण और उन पर लगे आरोपों को लेकर भी अभी पूरी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आयी है। इस पूरे मामले में रूस स्थित भारतीय दूतावास भी सम्पर्क में था। दूतावास ने बताया था कि वह स्नेहा और स्थानीय अधिकारियों के सम्पर्क में है। रूसी कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने मामले को कानूनी मुद्दा बताया था और जाँच की बात कही थी। दूतावास ने चंदन से मिलने के लिए कांसेलर एक्सेस का अनुरोध भी किया था।
फिलहाल, राहत की बात यही है कि चंदन गुप्ता रिहा हो चुके हैं और सुरक्षित अपने घर लौट आये हैं। हालांकि उनकी हिरासत के पीछे की पूरी वजह और इस दौरान क्या-क्या हुआ, इसे लेकर अभी कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं।