पटना (बिहार)। बिहार में हत्या सहित अन्य आपराधिक वारदातें बहुत तेज़ी से बढ़ती जा रही हैं। बुलडोजर एवं इनकाउंटर के लिए प्रसिद्ध हो रही बिहार की डबल इंजन सरकार इसपर लगाने की जितनी कोशिश करती दिखती है उससे अधिक गति से इसमें इजाफा होता दिख रहा है। हालाँकि बिहार एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने बढ़ते अपराध को रोकने के लिए शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी शुरू की है। इसके लिए उसने 350 से अधिक ऐसे सुपारी किलरों की सूची तैयार की है, जो पैसे लेकर हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया करते हैं। इनमें से लगभग तीन दर्जन सुपारी किलरों को गिरफ्तार भी किया गया है। अन्य सुपारी किलरों को भी दबोचने के लिए उनके दैनिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
राजधानी पटना के सरदार पटेल भवन स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय सभागार में पत्रकारों से मुखातिब एसटीएफ के डीआइजी संजय कुमार सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष जनवरी से अबतक चिन्हित किये गए 1716 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार अपराधियों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों और जिला स्तर पर टॉप—10 अथवा हार्डकोर अपराधियों की श्रेणी में सक्रिय रूप से शामिल हैं। इनमें 63 इनामी बदमाश पर 25 हजार से लेकर तीन लाख रुपये तक का इनाम घोषित है।

डीआइजी के मुताबिक, बिहार के जिलों में तैनात STF के पदाधिकारी डाटा तैयार कर रहे हैं। अब तक भू—माफिया समेत कई संगठित अपराधियों द्वारा अपराध के माध्यम से अर्जित संपत्ति की PMSL के तहत कुर्की जब्ती को लेकर ईडी को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
इसके अलावा साइबर मामले से जुड़े 19 संवेदनशील घटनाओं को अबतक हल किया जा चुका है। पटना,नालन्दा, नवादा, जमुई, मुंगेर, बेगुसराय, लखीसराय, समस्तीपुर और किशनगंज में 10 अपहृत व्यक्तियों को बरामद किया गया है।
एनआइए स्तर से भी जांच : - सुपारी किलरों या अपराधियों के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए एनआइए स्तर से भी जांच की जा रही है। इस वर्ष लूटे गए लगभग 10 किलोग्राम सोना, 50 किलोग्राम चांदी और 11.97 लाख रुपये नगद बरामद किये गए। इन मामलों में सक्रिय रूप से शामिल 113 अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जा चुका है। छापेमारी भी जारी है। आपराधिक वारदातों में शामिल 27 अपराधियों को बिहार के बाहर गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
डीआइजी ने दावा किया कि 94 ऐसे मामले हैं जिन्हें घटना से पहले ही रोक लिया गया। इनमें हत्या के 40, डकैती एवं लूट के 48 और अन्य तरह के अपराधों से जुड़े दर्जनों मामले शामिल हैं। इसके अलावा पिछले आठ महीने में मुठभेड़ की 19 घटनाओं के दौरान तीन अपराधियों की मौत भी हुई। इन मुठभेड़ों में 18 बुरी तरह जख्मी हुए। 33 मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया। एक AK - 47 राइफल, 2 इंसास समेत 380 देशी हथियार बरामद किये गये।