कार्यपालक पदाधिकारी एवं ठेकेदारों की मनमानी, वादाखिलाफी और दविरुद्ध सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

सफाई मजदूरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने उड़ायी शहरवासियों की नींदें

कार्यपालक पदाधिकारी एवं ठेकेदारों की मनमानी, वादाखिलाफी और दविरुद्ध सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

नवादा(बिहार)। नवादा नगर परिषद, नगर पंचायत और ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत कार्यरत तमाम सफाई मजदूरों ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी एवं ठेकेदार की कथित वादाखिलाफी, लापरवाही एवं दबंगई के खिलाफ एक बार पुनः आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। 

सफाईकर्मियों का कहना है कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र और हिन्दुओं के महान त्योहार पर भी 2 माह 27 दिन के बकाये वेतन का भुगतान नहीं किया गया। वेतन भुगतान नहीं होने के कारण अधिकांश मजदूरों के घरों में फाँके की स्थिति है। ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कार्यरत मजदूरों ने बकाया वेतन मांगा तो ठेकेदार ने यह कह देने से इनकार कर दिया कि नगर परिषद से इस मद में पैसे नहीं मिले हैं, इसलिए वेतन का भुगतान नहीं किया जायेगा। 

सफाईकर्मियों के मुताबिक, ठेकेदार ने यह भी कहा कि टाउन हॉल के सफाईकर्मियों के साथ एकजुट होकर फिर से हड़ताल करो, तभी भुगतान संभव है। उसी के बाद सफाई मजदूरों ने टाउन हॉल नवादा में आपात बैठक कर बकाया वेतन का भुगतान होने तक नगर में सफाई कार्य अनिश्चित काल के लिए ठप रखने का निर्णय लिया।

ज्ञात हो कि पिछले दिनों बिहार सरकार, नगर परिषद के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सफाई मजदूरों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुए समझौता वार्ता में तय हुआ था कि नियमित वेतन भुगतान, ड्रेस, पहचान—पत्र, स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा 25 अगस्त 2026 तक उपलब्ध करा दिया जायेगा। इसके अलावा 10 वर्षों से कार्यरत सफाई मजदूरों के स्थायीकरण के लिए अनुमोदन कर आवेदन सरकार को भेजा जायेगा। परन्तु, अभी तक उक्त समझौतों में तय मानदंडों का अनुपालन नहीं किया गया।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा के साथ ही सफाईकर्मियों ने सुबह 7 बजे टाउन हॉल नवादा से "बकाया वेतन का करो इंतजाम - नहीं तो होगा चक्का जाम", "हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है", "आवाज दो हम एक हैं" नारों के साथ विशाल आक्रोशपूर्ण रैली भी निकाली और अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार राज्य संघर्ष मोर्चा के घटक अग्रगामी निर्माण कर्मचारी कामगार संघ, बिहार के महासचिव दिनेश कुमार अकेला, जिला संयोजक कन्हैया डोम, मुकद्दर डोम, सिकंदर, मुकेश, संगीता डोमिन, लखिया डोमिन, अरविन्द रविदास ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था— "हम नाहक संघर्ष नहीं चाहते, पर हमें जानबूझ कर उत्प्रेरित किया गया तो फिर महाभारत होना सुनिश्चित है।"