नवम्बर में आयेगी सोनिया गांधी की जीवनी पर आधारित 'Belonging: A Journey of Love'

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर दी बधाई और जतायी खुशी

नवम्बर में आयेगी सोनिया गांधी की जीवनी पर आधारित 'Belonging: A Journey of Love'

Courtesy: Rahul Gandhi-Priyanka Gandhi

नयी दिल्ली। 'Belonging: A Journey of Love' (बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव)। यही शीर्षक है उस पुस्तक का जो सुर्खियों में है। सुर्खियों में आने की वजह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद एवं उनकी बहन प्रियंका गांधी द्वारा पुस्तक के कवर को सोशल मीडिया पर ​पोस्ट किया जाना है। राहुल और प्रियंका ने सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' का कवर पेज शेयर करते हुए अपनी मां के नाम भावुक संदेश लिखे हैं।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा है : ''मम्मा, मैंने आपको और पापा को आखिरी बार 35 साल से भी ज़्यादा समय पहले एक साथ देखा था। जिस दिन पापा चले गये, उसके बाद से मैंने आपको ज़िंदगी की हर मुश्किल का सामना करते देखा है - हमेशा हिम्मत और गरिमा के साथ। सिर्फ़ प्रियंका और मैं ही सच में जानते हैं कि आपने क्या-क्या सहा है, और पापा के जाने के बाद आपकी ज़िंदगी कितनी मुश्किल थी। मुझे खुशी और गर्व है कि आपकी कहानी - 'Belonging: A Journey of Love' - ​​आखिरकार उन लाखों लोगों तक पहुँचेगी जो आपसे प्यार करते हैं। मैं जानता हूँ कि आप जैसी निजी ज़िंदगी पसंद करनेवाली इंसान के लिए दुनिया को अपनी खूबसूरत कहानी बताना कितना मुश्किल रहा होगा। आज, उनके जन्मदिन पर, मैं पापा को मुस्कुराते हुए और अपनी खूबसूरत सोनिया को गर्व से देखते हुए महसूस कर सकता हूँ।''

वहीं प्रियंका गांधी ने अपनी माँ पर लिखे इस संस्मरण को सबसे महान प्रेम कथाओं में से एक बताया। उन्होंने लिखा : मुझे लगता है कि उन्हें (राजीव गांधी को) मेरी माँ पर बहुत गर्व होता कि उन्होंने अपनी कहानी इतने दिल से और ईमानदारी से लिखी है। मेरे लिए, यह हमारे समय की सबसे बेहतरीन प्रेम कहानियों में से एक है। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूँ कि मैंने इसे देखा है और मुझे खुशी है कि उनकी किताब के ज़रिये, हर कोई मेरी माँ को असल में जान पायेगा - एक बहादुर, वफ़ादार और दयालु महिला, जो बहुत मज़बूत भी है और जब चाहे तब बहुत मज़ेदार भी हो सकती है। एक ऐसी महिला जिनकी ज़िंदगी उनके पति और देश के प्रति उनके प्यार का सबूत रही है। माँ, आपसे बहुत प्यार करती हूँ और आप पर बहुत गर्व है।'' 

 'Belonging: A Journey of Love' (बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव) पुस्तक को कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हमसफर सोनिया गांधी ने लिखा है। पुस्तक में सोनिया गांधी ने अपने संस्मरण को पिरोया है। 544 पन्नों की यह पुस्तक सोनिया गांधी की एक बेहद निजी और राजनीतिक किताब है, जिसमें उनके जीवन के कई अनछुए पहलुओं का विवरण है। इटली के एक छोटे से गांव (वेनेटो/ओरबासानो) में बीते उनके बचपन और उनके शुरुआती दिनों का जिक्र है।

वर्ष 1965 में इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में राजीव गांधी से हुई उनकी पहली मुलाकात, उनका प्रेम और फिर भारत आकर नेहरू-गांधी परिवार की बहू बनने के सफर का भावनात्मक विवरण है। पुस्तक में पारिवारिक पल और बड़ी त्रासदियों का भी जिक्र है। सोनिया गांधी ने अपनी सास पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ बिताये पल और उसके बाद इंदिरा गांधी एवं पति राजीव गांधी की हत्या जैसी असाधारण व्यक्तिगत त्रासदियों का उनकी जिंदगी और भारत पर क्या असर पड़ा, इस पर उन्होंने खुलकर बात की है।राजनीति में कदम क्यों रखने को विवश हुईं उसका भी विवरण है। शुरुआत में राजनीति से पूरी तरह दूर रहनेवाली सोनिया गांधी ने किन परिस्थितियों में कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला और सबसे लम्बे समय तक इस पद की जिम्मेवारी निभायी उसका पूरा विवरण इस पुस्तक में है।

सोनिया गांधी ने अपनी जीवनी में वर्ष 2004 के उस ऐतिहासिक फैसले का भी जिक्र किया है, जिसने उन्हें किंगमेकर की भूमिका में खड़ा किया। इस किताब का एक मुख्य आकर्षण भी यही है। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री का पद ठुकराने का उनका ऐतिहासिक फैसला और डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री चुनने एवं खुद बाहर से गठबंधन (UPA) का नेतृत्व करने का भी जिक्र इस पुस्तक में होगी। उनके इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी इसमें देखने को मिलेगी। पुस्तक में सोनिया गांधी के 60 वर्षों के राजनीतिक-सामाजिक इतिहास को भी बहुत सलीके से रखा गया है। इस संस्मरण के जरिये पाठकों को पिछले छह दशकों में भारत के भीतर आये बड़े आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को करीब से देखने का मौका मिलेगा।